यदि सब जगह एक जैसी ही चीजें की जाती है , तो हमें उसे दोहराने की कोई आवश्यकता नही है। हम दूसरों की अपेक्षा उसे और अच्छा तरीका से नही कर पायेंगे। यदि हम वही कर र...
नया सूरज नया प्रकाश आलोकित हो उठी है सारी धरती,सारा आकाश आइये,इस नई सुबह में कुछ नया सोचें नये सपने गढ़े कुछ नया लिखे कुछ नया पढ़े पिले पड़ने लगे हैं पत्ते जो कल तक थे हरे आइये,उन...
जिस प्रकार पृथ्वी पूरी दुनियां का प्रतिनिधित्व करती है ठीक उसी प्रकार भारत इस पृथ्वी का प्रतिनिधित्व करती है। पृथ्वी के लगातार विकाश के लिये भारत को माध्यम और प्रयोगशा...
# हमारा लक्ष्य न तो राजनीतिक है,न समाजिक ,वह आध्यात्मिक लक्ष्य है। हम जो चाहते हैं वह व्यतिगत चेतना का रूपांतरण है,शाशन या सरकार का परिवर्तन नही । उस लक्ष्य तक पहुचने के लिये ...
इस दुनियां में अनेक प्रकार के धर्म प्रचलित है। लोग अपनी इच्छा के अनुसार अपने धर्म को अपनाते हैं। सारे धर्म मनुष्य को सही राह पर चलने की सिख देते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से मनु...
आखिर जीवन जीने के लिये आदमी को कितना धन चाहिये ? धनवान व्यक्ति भी हिरे-मोती नही खाता। आंख बंद कर लेने के बाद सोने के महल और झोपड़ी ,पलंग और चटाई में कोई फर्क नही रहता ,फिर बहूत ज्...
एक संत नदी में स्नान कर रहे थे। एक बिच्छू पानी मे डूब रहा था। उन्होंने उसे अपनी हथेली पर रख लिया। बिच्छू ने उन्हें डंक मार दिया। बिच्छू पुनः पानी मे गिर पड़ा। सन्त दर्द से करा...