मैं और मेरे एहसास ! Love Poem


% अभी भी आंखों में नमी बाकी है %

% उन हसीन पलों में ,जिंदगी अभी बाकी है %

% बसे हैं ख्वाब ,आंखों की गहराई में %

% सपनो में हकीकत का ,जाम अभी बाकी है %

% बदलते पलों में ,बदलते रिस्ते देखें हैं %

% उन रिस्तो में ,आसुओ का सफर देखें हैं %

% पाया है खुद को भीड़ का एक हिस्सा %

% उस हिस्से में हमसफ़र का किस्सा अभी बाकी है %

% अभी भी आंखों में नमी बाकी है %

% खुद को तन्हाई से ऐसा लिपटा पाया है %

% जैसे ओस की बूंदों पर ठंड का साया है %

% पाया है फूलों में पराग का केसर %

% पर खुद में खुद को ,पाना अभी बाकी है %

% अभी भी आँखों में नमी बाकी है %

%उन हसीन पलों में जिंदगी अभी बाकी है %

                                  धन्यवाद
                                धीरज वाणी

Comments

Popular posts from this blog

मुफ्त के सलाह से कैसे बचें। किसी काम का निर्णय कैसे लें। सही फैसला का चुनाव कैसे करें

कोरोना वायरस क्या है और इससे कैसे बचें

आदमी के लिये सबसे अच्छा धर्म कौन - सा है ?