एक बुद्धिमान व्यक्ति कैसे बुरा वक्त का सामना करता है । ज्ञानवर्धक कहानी

*शांतिपूर्ण जीवन बिताने वाले एक व्यक्ति की सोच*
कहा जाता है कि आपका व्यवहार ही आपके दोस्त व दुश्मन को तय करने का काम करता है।यदि आप अपने दुश्मन के साथ भी अच्छा से व्यवहार करते हैं तो वह आपका दोस्त बन जायेगा।एक विद्वान ने क्या खूब कहा है कि "अपने दुश्मन के साथ भी ऐसा व्यवहार करो कि कभी नजरें मिले तो आपको नजरें झुकानी नही पड़े" एक सही आचरण का हमारे जीवन पर बहूत ही ज्यादा प्रभाव पड़ता है।
                एक बार एक बुद्धिमान ब्राह्मण का एक राक्षस से सामना हो गया।उसके रास्ते में एक वीरान जंगल पड़ता था ।जंगल से गुजरते समय ब्राह्मण को एक राक्षस ने रोका।राक्षस की इच्छा थी कि ब्राह्मण को पकड़कर उसे भोजन बनाया जाए।जैसे ही राक्षस ने अपनी इच्छा व्यक्त की ब्राह्मण न तो घबराया और न दुखी हुआ ।वह बुद्धिमान और विद्वान तो था ही।उसने स्थिति को समझते हुए राक्षस की प्रशंसा करनी शुरू की ।ब्राह्मण ने कहा "हे राक्षसराज ,आप गुणवान,विद्वान और शांत है लेकिन समान प्राप्त नही कर पा रहे हैं शायद इसी कारण आप ऐसे हैं और यही वो वजह है जिससे आप क्रोधित रहते हैं।कही ऐसा तो नही है कि अज्ञानी लोगों को सम्मानित देख आप दुखी रहते हैं।राक्षस को कुछ समझ नही आया ।उसे भूख लगी थी और वह ब्राह्मण को खाने को आतुर था।राक्षस का इरादा देख ब्राह्मण ने फिर नही हार मानी ।उसने लगातार राक्षस की प्रशंसा की और उसका ध्यान अपनी ओर से हटाने का भरपूर प्रयास किया ।आखिर कुछ देर बाद सफलता मिली ।सम्मान और अपनी इज्जत को पाकर राक्षस पसीजा और ब्राह्मण को मुक्त कर दिया।राक्षस को भी समझ में आ गया कि दूसरे के प्राण लेने से अच्छा है उसका सम्मान पाना ।इसके बाद उस राक्षस ने भी ब्राह्मण से दोस्ती कर ली और इस घटना के बाद राक्षस की जीवन शैली ही बदल गई ।
                 अगर इन्शान अपने जीवन में दूसरों को सम्मान देने और अच्छा व्यवहार करना सीख ले तो उसका विरोधी भी उसका हो जायेगा ,चाहे वह राक्षस ही क्यो न हो।
                   धीरज वाणी

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