आखिर चीन हिंदुस्तान के साथ क्या करना चाहता है ?
पुलवामा हमले को आज एक महीना से ज्यादा हो चुका है,हिंदुस्तान ने इसका बदला 12 दिनों में ले चुका है लेकिन एक सवाल #मसूद अजहर ने जो हिंदुस्तान के सीने पर जख्म दिया है उसे इतनी आसानी से भुलाया जा सकता है शायद नही और तब तक नही जब तक इसके असली गुनहगार को सजा नही मिल जाती। मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक है और आये दिन उसके आतंकी हिंदुस्तान को जख्म देने में कोई कसर नही छोड़ते है #उसके आतंकी हिंदुस्तान को इतने जख्म दिये है जिसे गिन पाना भी मुश्किल है खुद मसूद अजहर भी हिंदुस्तान के खिलाफ जहर उगलते रहता है @ कंधार हाईजैक हिंदुस्तान के लिये बहूत ही बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण रहा नही तो आज भी मसूद अजहर भारत की जेलों में सड़ रहा होता।
मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिये भारत ने UN में प्रस्ताव रखा #इस प्रस्ताव को अमेरिका,ब्रिटैन,फ्रांस सहित दुनियां के 13 अन्य देशों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया @ लेकिन हर बार की तरह इस बार भी चीन उसे बच्चा लिया । मैं अपने कई पुराने यूट्यूब वीडियो में भी कहा है "भारत के लिये पाकिस्तान कोई एक मुद्दा नही है असली मुद्दा चीन है" चीन UN में सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और पाकिस्तान को बचाते रहता है। चीन चोरी- छुपे आतंकियों की भरपूर मदद करता है #ये सोचने वाली बात है @ आंतकियों के पास से कई बार अत्याधुनिक सीढ़ी, हथियार और भी कई तरह के वैसा समान पकड़ाया है जो पाकिस्तान के बनाने बस की बात नही है फिर ये सब समान आतंकियों के पास कहा से आता है ? जाहिर सी बात है इस सभी समान को चीन मुहैया कराता है।
चीन का नजर भारत पर हमेसा बना रहता है क्योंकि भारत व्यापार की दृष्टि से एक बहूत ही अच्छा देश है । जब भारत का पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ था तो उसके तुरंत बाद चीन ने भी भारत पर हमला कर दिया था #ये सोचकर कि भारत अभी तुरंत एक युद्ध लड़ा है और इस हालत में उसे आसानी से हराया जा सकता है लेकिन भारतीय वीरों ने उसकी चाल को कामयाब नही होने दिया। डोकलाम में भी उसने अपनी नापाक कोशिश की। चीन आतंकियों के कंधे पर बंदूक रखकर भारत के खिलाफ साजिश रचते रहता है।
चीन की अर्थव्यवस्ता का सबसे बड़ा हिस्सा उसका वैश्विक व्यापार से आता है #भारत चीन द्वारा उत्पादित समानों का सबसे बड़ा खरीददार है #अगर हम चीनी समान को बाजार से खरीदना बन्द कर दें तो उसकी अर्थव्यस्था को एक जोरदार झटका लगेगा। अब आपके मन मे एक सवाल उतपन्न हो रहा होगा "भारतीय सरकार क्यो नही उसके समानो को आयात करना बंद कर देती है " आपका सोचना बिल्कुल सही है लेकिन ऐसा सरकार नही कर सकती है क्योंकि विश्व व्यापार संगठन के अनुसार कोई भी देश किसी भी देश मे व्यापार कर सकती है जब तक कि उसपर किसी भी तरह का आर्थिक प्रतिबन्ध नही लगा हो ! उसके समानो पर ज्यादा टैक्स लगाना सरकार के हाथ मे होता है लेकिन ऐसा करने से Trade war शुरू हो जाता है जिससे दोनों के व्यापारों को जबरदस्त नुकशान होता है। अभी फिलहाल में अमेरिका और चीन के बीच Trade War जारी था जिसमे दोनों देश एक दूसरे के समानो पर भरपूर टैक्स लगा रहे थे। अपने देश की #सेना को मजबूत करने के लिये #अपने देश की व्यापारियों को मजबूत करने के लिये # अपने देश को मजबूत करने के लिये #अपने देश की मान-समान के लिये # अपने देश को विश्व गुरु बनाने के लिये @ हम कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं कि चीनी समानो का उपयोग न करें । अगर हम ऐसा करते हैं तो इससे हमारे घरेलू उद्योगों को फायदा होगा ,छोटे -छोटे रोजगार के अवसर बनेंगे जिसमे हमारे देश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल पाएगी।
ये बिल्कुल सत्य है कि चीन हमारे जीवन का एक लाइफ स्टाइल बन चुका है #सुबह अलार्म क्लॉक से लेकर शाम के मॉस्किटो हिट तक ये सभी समान चीन के द्वारा बनाया जाता है लेकिन धीरे-धीरे चीनी समान के आदत से छुटकारा पाया जा सकता है और स्वदेशी बना जा सकता है। हम हिन्दुस्तानियो को# जात #धर्म #समुदाय से ऊपर उठकर सोचना होगा और देश के लिये एक होना होगा और समूहित रूप से चीनी समानो का बहिष्कार करना होगा # सभी कामों को सरकार ही नही करेगी कुछ वैसे भी काम है जिसे हमें साथ मिलकर करना होगा । देश हित से बड़ा कोई हित नही होता है और न ही देश से बड़ा कोई धर्म होता है जब तक देश सुरक्षित है तभी तक आप सुरक्षित है #अब समय आ गया है कि हम हिन्दुस्तानियो को एक साथ मिलकर इस देश को विश्व गुरु बनाने में अपना भरपूर योगदान दें।
"न जियो धर्म के नाम पर न मरो धर्म के नाम पर इन्शानियत ही है धर्म वतन का बस जियो वतन के नाम पर"
Buy Indian# Be Indian
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धीरज वाणी
जय हिंद,वन्दे मातरम
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